UP Board Exam 2023: यूपी बोर्ड परीक्षा में इंग्लिश से ज्यादा हिंदी के परीक्षार्थियों की संख्या

भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में लगभग सभी शिक्षा परिषद के द्वारा बोर्ड की परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के द्वारा यूपी बोर्ड की परीक्षा की घोषणा की गई है जिसके अनुसार 10वीं और 12वीं की यूपी बोर्ड परीक्षा 16 फरवरी 2023 से 3 मार्च 2023 तक आयोजित की जा रही है।

इस परीक्षा में विद्यार्थी 11 अलग-अलग विषय के ऊपर परीक्षा देने वाले हैं। हालांकि मुख्य परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को पढ़ने का पर्याप्त समय दिया जा रहा है।

बदलते जमाने को ध्यान में रखते हुए यूपी बोर्ड के द्वारा बोर्ड परीक्षा से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी को ऑनलाइन साझा किया गया है।

यूपी बोर्ड के द्वारा यह भी घोषित किया गया है कि विद्यार्थियों को अपने परीक्षा सेंटर पर एडमिट कार्ड के साथ आना है जिसे ऑनलाइन यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपी बोर्ड की परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थी हर तरह के दस्तावेज को ऑनलाइन यूपी बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं और बोर्ड परीक्षा से जुड़ी कुछ आवश्यक जानकारियों के बारे में समझने के लिए उन्हें हमारे लेख के साथ अंत तक बने रहना होगा।

यूपी बोर्ड परीक्षा 2023 

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 16 फरवरी 2023 से शुरू होने वाली है। आपको बता दें कि बोर्ड की परीक्षा 10वीं और 12वीं के बच्चों के लिए बहुत आवश्यक होती है क्योंकि यह उनके आने वाले भविष्य को बहुत हद तक निर्धारित करती है।

पिछले साल यूपी बोर्ड में पेपर लीक और चीटिंग की बहुत ज्यादा वारदात देखने को मिली थी जिस वजह से उन्होंने इस साल बदलते जमाने को ध्यान में रखकर हर तरह की जानकारी को ऑनलाइन यूपी बोर्ड के अधिकारीक वेबसाइट के जरिए साझा किया है।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के द्वारा बोर्ड परीक्षा के लिए कड़ी निगरानी का आयोजन किया जा रहा है।

अलग-अलग जिला के सभी प्रमुख अधिकारियों को होने वाली बोर्ड परीक्षा पर कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया गया है।

यूपी बोर्ड की परीक्षा में विद्यार्थियों को विषय चुनने की छूट दी गई है और उसके अनुसार साझा की गई जानकारी से पता चलता है कि यूपी बोर्ड में अधिक विद्यार्थियों ने हिंदी विषय का चयन किया है।

यूपी बोर्ड के विषय

यूपी बोर्ड में विद्यार्थियों को मुख्य विषय के साथ साथ कुछ अन्य विषयों की परीक्षा भी देनी है। साझा की गई जानकारी के मुताबिक 16 फरवरी से 3 मार्च तक लगातार परीक्षा होने वाली है।

इस बीच विद्यार्थियों को 11 अलग-अलग विषय की परीक्षा देनी है। मुख्य परीक्षा के रुप में दसवीं के विद्यार्थियों को सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, गणित, हिंदी और इंग्लिश की परीक्षा देनी है।

दसवीं के विद्यार्थियों को विषय चुनने की छूट नहीं दी गई है मगर अंग्रेजी विषय एक एडिशनल के रूप में रखा गया है। जिसमें विद्यार्थियों को केवल पास होना आवश्यक है।

इसके अलावा इंटरमीडिएट या 12वीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को विषय चुनने की छूट दी गई है। आमतौर पर इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को विज्ञान वाणिज्य और कला के विभाग में बांटा गया है।

हर विभाग के विद्यार्थियों को अलग-अलग प्रकार के विषय दिए गए है। मगर हर विभाग के विद्यार्थियों को कुछ विषय चुनने की छूट भी दी गई है जिसमें एक विषय अंग्रेजी भी है। किसी भी विभाग के विद्यार्थी अंग्रेजी या हिंदी में से किसी विषय को एडीशनल सब्जेक्ट के रूप में चुन सकते हैं।

हाल ही में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक विद्यार्थी मुख्य रूप से हिंदी विषय को एडीशनल सब्जेक्ट के रूप में चुन रहे हैं।

अंग्रेजी विषय को एडीशनल सब्जेक्ट के रूप में चुनने वाले विद्यार्थियों की संख्या बहुत ही कम है। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में विद्यार्थी अंग्रेजी विषय के प्रति ज्यादा लगाव महसूस नहीं कर रहे हैं और वह अंग्रेजी विषय नहीं पढ़ना चाहते हैं।

यह एक गंभीर विषय है क्योंकि अंग्रेजी विषय को वैश्विक भाषा के रूप में देखा जाता है। हालांकि अंग्रेजी एक भाषा है जिसे अधिक महत्व नहीं देना चाहिए मगर दूसरे तरीके से देखने पर हमें पता चलता है कि अंग्रेजी एक महत्वपूर्ण भाषा है जिसे विद्यार्थी विश्व में कहीं भी इस्तेमाल कर सकता है।

खैर साझा की गई जानकारियों के मुताबिक अंग्रेजी विषय चुनने वाले विद्यार्थियों की संख्या बहुत ही कम है जिसे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार अलग-अलग प्रकार के नीति पर विचार विमर्श कर रही है।

यूपी बोर्ड के परीक्षा कड़ी निगरानी में आयोजित हो रही है

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के द्वारा इस साल यूपी बोर्ड की परीक्षा बहुत ही कड़ी निगरानी में आयोजित की जा रही है। पिछले साल यूपी बोर्ड की परीक्षा में बहुत चीटिंग और पेपर लीक की वारदात सामने आई थी जिसे कम करने के लिए इस साल यूपी बोर्ड सरकार अलग-अलग प्रकार की नीति तैयार कर रही है।

इस साल यूपी बोर्ड की परीक्षा को सही तरीके से आयोजित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से अलग अलग जिला के एसपी डीएम और अन्य विशेष अधिकारियों को बोर्ड की परीक्षा पर कड़ी निगरानी रखने को कहा है।

इसके अलावा विद्यार्थियों को हेल्पलाइन नंबर भी दिया गया है जिसके जरिए विद्यार्थी को अगर बोर्ड परीक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या होती है तो उसका वह तुरंत निराकरण प्राप्त कर पाएगा।

निष्कर्ष

आज इस लेख में हमने आपको सरल शब्दों में यह समझाने का प्रयास किया है कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के द्वारा बोर्ड परीक्षा को कितनी कड़ी निगरानी से आयोजित किया जा रहा है।

इसके साथ ही हमने बोर्ड परीक्षा में रखे गए विषयों के ऊपर भी चर्चा किया है और उत्तर प्रदेश में इंग्लिश विषय के प्रति बच्चों के लगाव के बारे में भी बात की है।

अगर हमारे द्वारा साझा की गई जानकारियों को बढ़ने के बाद आप यूपी बोर्ड की परीक्षा और विषय के बारे में अच्छे से समझ पाए हैं, तो इसे अपने मित्रों के साथ साझा करें साथ ही अपने सुझाव और विचार कमेंट में बताना ना भूलें।

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