Fitment Factor: अभी-अभी आई कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, इतनी बढ़ेगी सैलरी

केंद्र सरकार ने हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत तक की वृद्धि की है, जिससे कर्मचारियों के बीच आशा का माहौल पैदा हुआ है। इसके साथ ही, कर्मचारियों के फिटमेंट फैक्टर को भी पहले की तुलना में बढ़ाकर 2.57 प्रतिशत से 3.68 प्रतिशत या उससे अधिक किया जा रहा है, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों को कई तरह के आर्थिक लाभ प्राप्त होंगे।

इस वृद्धि के परिणामस्वरूप, कर्मचारियों की मासिक वेतन में विशेष बदलाव होगा। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक पेमेंट 18,000 रुपये प्रति माह है, जिसे यह वृद्धि करके 26,000 रुपये प्रति माह तक बढ़ा दिया जाएगा। इस सुधार के परिणामस्वरूप, कर्मचारियों की सैलरी में विभिन्न तरीकों से वृद्धि होगी, जिससे लगभग 52 लाख से अधिक कर्मचारियों को सीधे लाभ होगा।

केंद्रीय कर्मचारी संघ और कर्मचारियों द्वारा पहले ही आठवां वेतन आयोग के लागू करने की मांग की गई थी, और अब सरकार ने इस दिशा में कदम उठाया है। इससे साफ दिखता है कि सरकार किस प्रकार से कर्मचारियों के आर्थिक हित की दिशा में कदम उठा रही है।

यह नई सुखद वृद्धि न केवल कर्मचारियों के लिए बल्कि उनके परिवार और उनके आर्थिक स्थिति को भी सुधारेगी। केंद्र सरकार के इस पहल से कर्मचारियों का साहित्यिक और आर्थिक विकास होने की संभावना है और इससे उनकी जीवनस्तर में मजबूती आ सकती है।

प्रस्तावित अनुसूचित 2024 के आम चुनाव के संदर्भ में, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा 2024 की शुरुआत में एक विशेष ध्यान दिया जा सकता है, जिसमें ‘फिटमेंट फैक्टर’ को बढ़ावा देने की संभावना है। इसके अलावा, आठवां वेतन आयोग की स्थापना के संदर्भ में भी कोई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है।

पिछले बार 2017 में, बेसिक पे को ₹7000 से बढ़ाकर ₹18000 प्रति महीने किया गया था, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन में ₹8000 की वृद्धि हुई थी। इससे कर्मचारियों की मूल वेतन को ₹26000 प्रति महीने तक बढ़ा दिया गया था।

वर्तमान में सरकार ने इस मुद्दे पर किसी आधिकारिक बयान की प्रक्रिया शुरू नहीं की है, लेकिन इसके बावजूद, समाज में यह दृढ अनुमान किया जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस पर ठोस कदम उठा सकती है।

Fitment Factor New Update

केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान में प्रस्तुत किये जा रहे फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़कर 3.68 करने की मांग कई वर्षों से केंद्रीय कर्मचारियों द्वारा उठाई जा रही है। इस वृद्धि के परिणामस्वरूप, केंद्रीय कर्मचारियों के बेसिक वेतन को वर्तमान 18000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 26000 रुपये तक बढ़ा दिया जाएगा। यह फैसला केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत होगी।

हालांकि, इस मुद्दे पर सरकार ने अब तक किसी प्रकार का स्पष्ट रुख नहीं दिखाया है। कर्मचारियों की ओर से इस मांग को लेकर दी गई लंबे समय से चर्चाएं जारी हैं, हालांकि सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक वक्तव्य नहीं किया है। ऐसे में, आमतौर पर संकेत है कि चुनावी समय के पास आते आते सरकार इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित कर सकती है और इसे पूरा करने की संभावना होती है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इस प्रकार के सुधार से उन्हें न केवल वित्तीय रूप से लाभ होगा, बल्कि यह उनके जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। जैसा कि उल्लिखित है, चुनावी माहौल में सरकार को इस मुद्दे पर विचार करने और कार्रवाई करने की संभावना हो सकती है।

68 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 52 लाख से अधिक पेंशन वाले लोगों को सीधा लाभ

केंद्रीय कर्मचारियों द्वारा काफी समय से सरकार से आठवीं वेतन आयोग की मांग की जा रही है, जिसका उद्देश्य है केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन स्केल को सुधारना। इस आयोग के लागू होने पर, 68 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 52 लाख से अधिक पेंशन वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके परिणामस्वरूप, सरकार द्वारा AICPI की रिपोर्ट के आधार पर 2023 में महत्वपूर्ण वेतन वृद्धि की संभावना है, जो 4% तक हो सकती है। इस पर सोचा जा रहा है कि सरकार कब इस पर विचार करेगी।

वर्तमान में, सरकार द्वारा न्यूनतम मासिक वेतन को ₹18000 प्रति महीना तय किया गया है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर 2.5 लागू होता है। हालांकि, इसे अब 3.68 तक बढ़ाने की सुझाव दी गई है। इस पर सोचने में सरकार जल्दी ही कदम उठा सकती है।

फिटमेंट फैक्टर क्या है?

Fitment Factor” एक महत्वपूर्ण प्रावधान है जो केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन को निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके तहत, कर्मचारियों के मूल वेतन को स्थापित किए जाने के लिए एक प्रमुख तंत्र है।

वर्तमान में, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी को सातवें वेतन आयोग के “फिटमेंट फैक्टर” के आधार पर निर्धारित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के मूल वेतन में पूरे प्रकार से ढाई गुना से अधिक वृद्धि की है।

“फिटमेंट फैक्टर” के आधार पर, पुराने वेतन को संशोधित मूल वेतन में परिवर्तन की जाती है। यह प्रक्रिया पहले से लघु वेतन आयोग के सिद्धांतों के आधार पर वेतन में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए किया जाता है, जिससे सरकार कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की प्रक्रिया को जारी रखती है।

इस प्रक्रिया में, “फिटमेंट फैक्टर” के आधार पर वेतन में वृद्धि का प्रतिशत निर्धारित किया जाता है और यह पुराने वेतन को संशोधित करके नये मूल वेतन की गणना में शामिल किया जाता है। इसके फलस्वरूप केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाती है और उनके वेतन को नये आधार पर निर्धारित किया जाता है।

फिटमेंट फैक्टर से सैलरी में कितना बढ़ोतरी होगी?

यदि फिटमेंट फैक्टर को 2.57 गुना बढ़ा जाता है, तो कर्मचारियों के वेतन में बदलाव किया जाता है। उदाहरण स्वरूप, यदि किसी कर्मचारी का मासिक न्यूनतम वेतन ₹18000 है, तो उनके नए वेतन में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बदलाव किया जाएगा, अर्थात् ₹18000 × 2.57 = ₹46260 प्रति महीना।

इसी प्रकार, यदि फिटमेंट फैक्टर को 3.68 गुना लागू किया जाता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में बदलाव होगा। उदाहरण के रूप में, यदि किसी केंद्रीय कर्मचारी का मासिक न्यूनतम वेतन ₹26000 है, तो उनके नए वेतन में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बदलाव किया जाएगा, अर्थात् ₹26000 × 3.68 = ₹95680 प्रति महीना। इससे कर्मचारियों के वेतन में ₹49420 का वृद्धि होगा।

फिटमेंट फैक्टर के कई फायदे हैं:

  1. वेतन वृद्धि: फिटमेंट फैक्टर का बढ़ावा करने से कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और उनका जीवनस्तर बेहतर होता है।
  2. भत्तों और प्रोन्नतियों में बेहतरी: फिटमेंट फैक्टर की बढ़ोतरी से कर्मचारियों को भत्ते और प्रोन्नतियों का भी लाभ होता है। उन्हें उनके कौशल और परिश्रम के अनुसार अधिक भत्ते और अधिक पदोन्नति का मौका मिलता है।
  3. मोटिवेशन और संघर्ष की कमी: बेहतर वेतन के कारण कर्मचारियों का मोटिवेशन बढ़ता है और उनका काम में रुचि बनी रहती है। यह कर्मचारियों की संघर्षों को कम करने में मदद करता है और कार्य संगठन के लिए उनके सहयोग को बढ़ावा देता है।
  4. आकर्षण और रिक्रूटमेंट: अच्छे वेतन के कारण, सरकारी और निजी सेक्टर में कर्मचारी आकर्षित होते हैं और उन्हें नौकरी की दिशा में अधिक विकल्प मिलते हैं। इससे कुशल और प्रतिष्ठित कर्मचारी मिलने में मदद मिलती है।
  5. अर्थशास्त्रिक प्रगति: फिटमेंट फैक्टर की वृद्धि से आर्थिक उन्नति होती है, क्योंकि कर्मचारी अधिक वेतन के साथ अधिक खर्च कर सकते हैं और उनकी खरीदारी क्षमता में वृद्धि होती है।
  6. व्यक्तिगत विकास: बेहतर वेतन के कारण कर्मचारियों का व्यक्तिगत विकास होता है, जैसे कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, और उनके परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने का अधिक अवसर मिलता है।

इन सभी कारणों से, फिटमेंट फैक्टर का बढ़ोतरी करना कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।

Disclaimer :- हम जानते हैं कि सोशल मीडिया पर बहुत सी ऐसी ख़बरें वायरल होती हैं, इसलिए हम सभी को सतर्क रहने की सलाह देते हैं। हम चाहते हैं कि आप आधिकारिक स्रोतों से जाँच करें और ख़बर की सटीकता को सुनिश्चित करें, क्योंकि यहाँ दी गई जानकारी के लिए “wdeeh.com” कोई ज़िम्मेदारी नहीं स्वीकार करता है।

x