EPFO New E-Passbook 2023 : आज EPFO सब्सक्राइबर्स के खाते में आया पूरा ब्याज, अभी करें ऐसे चेक

EPFO New E-Passbook 2023 : Employees’ Provident Fund Organisation के बारे में लगभग प्रत्येक व्यक्ति ने सुन रखा है। अगर आप भी इस संगठन के सदस्य हैं, तो फिर आज के हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के पश्चात आपको इससे संबंधित काफी सारी ऐसी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे आप अभी तक वंचित हैं। 

निजी कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के अतिरिक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए भी ईपीएफओ अर्थात कर्मचारी भविष्य निधि संगठन काफी ज्यादा मायने रखता है। 

क्योंकि इससे उन्हें वृद्धावस्था में अर्थात रिटायरमेंट के पश्चात पेंशन की तो प्राप्ति होगी। इसके अतिरिक्त उन्हें इस संगठन के द्वारा ऐसे अकाउंट की प्राप्ति होती है। जिस में एकत्र धन का प्रयोग वे अपने बुरे दिनों में कर सकते हैं। 

लॉन्च किया गया है नया ई-पासबुक EPFO New E-Passbook 2023 :

सरकार के द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन Employees’ Provident Fund Organisation के लिए एक नई पासबुक को लॉन्च कर दिया गया है। 

यह ई-पासबुक पहले से अधिक सुविधाजनक है। तथा सदस्य के ईपीएफ खाते के विषय में अधिक विस्तृत जानकारी प्रदान करने हेतु पूर्णता सक्षम है। 

इसका शुभारंभ केंद्रीय श्रम तथा रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव के द्वारा किया गया है। ईपीएफओ ने एक बयान भी जारी कर कहा है कि नए पासबुक में सदस्य आफग्राफिकल प्रतिनिधित्व के साथ अपने खाते के विषय में अधिक विवरण प्राप्त कर सकेंगे। 

अधिकारिक आंकड़ों की मानें तो जनवरी 2023 में 14.86 लाख सदस्य EPFO से जुड़ चुके हैं। जो कि निस्संदेह रूप से यह एक शुभ संकेत है। 

कुछ अन्य आवश्यक जानकारियां

आपकी जानकारी हेतु हम आपको इस बात से अवगत करवा दें की साल 2022-23 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees’ Provident Fund Organisation) पर मिलने वाले ब्याज दर को बढ़ाकर के 8.15% कर दिया गया है। 

श्रम मंत्रालय ने एक बयान में यह भी कहा है कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता वाले केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने 8.15% की वार्षिक दर को मंजूरी दे दी थी। 

सन 2022-23 के लिए सदस्यों के इपीएफ डिपोजिट के धन पर ब्याज देने का निर्णय भी ले लिया गया है। इसके परिणाम स्वरूप सारे सब्सक्राइबर्स को पहले की तुलना में अब अधिक मुनाफा प्राप्त होगा। 

मार्च 2021 में ही सीबीटी ने 2020-21 के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर बढ़ा कर के 8.5% कर दिया था। अब सीटी के निर्णय के पश्चात 2022 के लिए ऐप जमा पर ब्याज दर की जानकारी वित्त मंत्रालय को मंजूरी के लिए भी भेजी जा चुकी है। 

EPFO ने  दी इन प्रस्तावों को मंजूरी 

जारी किए गए बयान की यदि माने तो बोर्ड ने पोर्टफोलियो प्रबंधकों के एएमसी की विस्तार करने और ईपीएफ की आय को निर्धारित सीमा के भीतर निवेश की किसी भी स्वीकार्य श्रेणी में निवेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। 

इसके अतिरिक्त यह भी बयान में कहा गया है, कि बोर्ड ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( Employees’ Provident Fund Organisation )  तथा NTA के मध्य एमओयू को भी मंजूरी प्रदान करती है। 

प्रदान किए गए इस मंजुरी के पश्चात कर्मचारियों को अब अधिक मुनाफे की प्राप्ति तो होनी सुनिश्चित ही है। 

EPFO का निश्चित बजट 

मंगलवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था सीबीटी की 233वीं बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने ईपीएफओ की योजनाओं के वास्ते वित्तीय वर्ष 2022-23 की संशोधित अनुमान तथा वित्तीय वर्ष 2022 के अनुमानित बजट को मजदूरी प्रदान कर दी है। 

इसके साथ ही साथ बोर्ड ने ईपीएफओ के भौतिक बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 2200 करोड रुपए के बजट को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। 

ईपीएफओ में मिलने वाला ब्याज

ईपीएफओ अर्थात कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत आने वाले सदस्यों के खाते पर सरकार के ओर से दिए जाने वाले ब्याज का निर्धारित भी किया जा चुका है। 

समाचार एजेंसी पीटीआई के सूत्रों कि यदि माने तो हम पाते हैं, कि वित्त वर्ष 2022 तक के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन  ( Employees’ Provident Fund Organisation ) EPFO पर ब्याज दर 8.15% निर्धारित कर दी गई है। 

इससे पूर्व कि यदि बात की जाए तो पिछले साल की पीएफ पर ब्याज दर 8.10% ही दिया जा रहा था। जिसमें अभी 0.5% की वृद्धि देखने को मिली है। 

संख्या में वृद्धि किंतु गुणवत्ता में नहीं 

जैसा कि हमने ऊपर बताया है, कि ईपीएफओ के अंतर्गत खुल जाने वाले खातों की संख्या में वृद्धि आई है। लेकिन खातों में वृद्धि का अर्थ यह नहीं है, कि इन सारे खातों में नियमित रूप से धन का भुगतान किया जा रहा है। 

यदि इसको विस्तार पूर्वक समझने का प्रयास करें, तो हम पाते हैं कि इस आपत्तिजनक परिस्थिति का श्रेय स्टार्टअप कल्चर को जाता है। अर्थात आज के समय में लोग स्टार्टअप कल्चरस को काफी बढ़ावा दे रहे हैं। 

जिसके परिणाम स्वरुप GIG EMPLOYMENT को काफी ज्यादा बढ़ावा मिल रहा है। इसमें होता यह है कि 6 महीने, 1 साल अथवा 2 वर्ष के लिए कर्मचारियों के साथ कॉन्ट्रेक्ट साइन किया जाता है और उतने समय तक की उनके साथ कार्य किया जाता है। 

इस समयावधि के पूर्ण होने के पश्चात उन्हें पुनः से रोजगार की तलाश करनी होती है। GIG EMPLOYMENT में कर्मचारियों को बीमा, पेंशन, पीएफ अकाउंट कंट्रीब्यूशन, इत्यादि जैसी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। 

क्या आप की भी इच्छा है पीएफ अकाउंट की?

पीएफ अकाउंट खुलवाने हेतु कर्मचारी होना अनिवार्य नहीं है। अर्थात यदि आप कर्मचारी है, तो आपको अनिवार्य रूप से पीएफ अकाउंट खुलवाना होगा। यह पीएफ अकाउंट कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत खुलवाया जाता है। 

किंतु यदि आप कर्मचारी नहीं है, और पीएफ अकाउंट खुलवाना चाहते हैं, तो फिर आपके लिए एक अन्य विकल्प भी मौजूद है। आप पीपीएफ अकाउंट अर्थात पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट खुलवा सकते हैं। जिसमें आप अपने आय के अनुरूप नियमित रूप से धन का भुगतान कर पेंशन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। 

पीएफ अकाउंट खुलवाने हेतु आप अपने नजदीकी किसी भी बैंक ब्रांच में जा सकते हैं, अथवा आप पोस्ट में जाकर के भी इस अकाउंट को खुलवा सकते हैं। 

निष्कर्ष

आज के इस पोस्ट में हमने आप सभी लोगों के समक्ष ईपीएफओ के तहत जारी किए गए नए ई-पासबुक के विषय में सारी आवश्यक जानकारियां उल्लेखित कर दी है। हमें आशा है कि हमारा यह प्रयास आपके लिए हितकारी सिद्ध होगा। 

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